Yeduguri Sandinti Jaganmohan Reddy

गुरुवार सुबह विशाखापट्टनम में हुए गैस लीक मामले में अब तक 11 लोगों की मौत की खबर है। वहीं, सीएम जगनमोहन रेड्डी ने मुआवजे का ऐलान कर दिया है।

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक फार्मा कंपनी में हुए गैस लीक मामले में स्थानीय प्रशासन और नेवी ने फैक्ट्री के पास के गांवों को सुरक्षा के मद्देनजर खाली करा लिया है। गुरुवार सुबह हुए इस हादसे में करीब 11 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 300 से अधिक लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

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मिली जानकारी के मुताबिक, आरआर वेंकटपुरम में स्थित विशाखा एलजी पॉलिमर कंपनी से खतरनाक जहरीली गैस का रिसाव हुआ। जिससे फेक्ट्री के तीन किलोमीटर के इलाका प्रभावित हुआ हैं। फिलहाल, सुरक्षा के मद्देनजर पांच गांवों को खाली करा लिया गया है। घटना के बाद खुद सीएम जगन मोहन रेड्डी विशाखापट्टनम पहुंच गए हैं।

  • मृतकों के लिए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे का ऐलान

किंग जॉर्ज हॉस्पिटल में सीएम जगन मोहन रेड्डी ने एडमिट पीड़ितों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लोगों के लिए मुआवजे का ऐलान किया। गुरुवार सुबह हुए इस हादसे के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा घटना में पीड़ितों को 10-10 लाख रुपए और डिस्चार्ज किए जा चुके लोगों को 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी इसके साथ ही 5 सदस्य कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी।

  • 10 बजे तक रिसाव पर किया नियंत्रण

घंटों की मेहनत के बाद रिसाव पर नियंत्रण कर लिया गया है। इसके अलावा फैक्ट्री के आस-पास से 3 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया है। अभी करीब 300 से ज्यादा लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया हैं। इसमें अधिकतर बच्चे और बुजुर्ग हैं। इसके अलावा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

  • 11 की मौत, 300 से अधिक की हालत गंभीर

सरकारी अस्पताल में इस गैस से 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनभर लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। इसमें ज्यादातर बुजुर्ग और बच्चे हैं। कहा जा रहा है सरकारी अस्पताल में 316 लोग एडमिट कराए गए हैं। वहीं कई लोगों को गोपालपुरम के प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए एडमिट कराया गया है।

  • पीवीसी या स्टेरेने गैस का रिसाव

विशाखापट्टनम नगर निगम के कमिश्नर श्रीजना गुम्मल्ला की माने तो शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, पीवीसी या स्टेरेने गैस का रिसाव हुआ है। गैस के रिसाव का प्रारंभ सुबह 2:30 बजे करीब हुआ। इस गैस रिसाव की चपेट में आने के बाद लोगों को चक्कर, सांस लेने में दिक्कत और बेहोशी छा गई। हालांकि अभी तक घटना के असली कारण का पता नहीं चल पाया है। मौके पर विशाखापट्टनम के जिलाधिकारी विनय चंद पहुंचे हैं और हालात का जायजा ले रहे हैं। उनकी मानें तो 2 घंटे के अंदर हालात पर नियंत्रण पा लिया गया। कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है।

  • गैस वॉल्व में दिक्कत के कारण हादसा?

शुरुआती जांच में यह माना जा रहा है कि गैस बॉल में दिक्कत के कारण ये पूरा हादसा हुआ। जब गुरुवार सुबह 2:30 बजे गैस बॉल में खराबी आई तो जहरीली गैस लीक कर गई। हालांकि एलजी पॉलीमर्स का यह कहना है हम गैस लीक होने के कारण का पता लगाने में जुटे हैं इसके अलावा हादसे में शिकार लोगों की मेडिकल सुविधाएं भी उनके द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हैं।

  • लोगों से की जा रही है सुरक्षित जगह पर जाने की अपील

घटनास्थल पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी लगाई गई हैं और गांवों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। पुलिस अधिकारी द्वारा लोगों से घरों से बाहर आने की अपील की जा रही है और सुरक्षित जगह जाने को कहा जा रहा है इसके साथ ही लोगों से प्रभावित इलाकों में ना जाने की भी अपील की जा रही है।

आपको बता दें कि 1961 में एलजी पॉलिमर्स इंडस्ट्री की स्थापना हिंदुस्तान पॉलिमर्स के नाम से की गई थी। कंपनी में पॉलिस्टाइरेने और इसके को-पॉलिमर्स का निर्माण किया जाता है। यूबी ग्रुप के मैकडॉवल एंड कंपनी लिमिटेड में 1978 में हिंदुस्तान पॉलिमर्स को शामिल कर लिया गया और फिर यह एलजी पॉलिमर्स इंडस्ट्री हो गई।

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