special train in lockdown

लॉक डाउन के दौरान दूसरे राज्य में फंसे लोगों को वापस लाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है।

लॉक डाउन के दौरान फंसे हुए लोगों को उनके राज्य तक पहुंचाने के लिए मोदी सरकार द्वारा ट्रेनों को ट्रेनों के परिचालन की अनुमति दी गई हैं इसके साथ ही रेल मंत्रालय द्वारा श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जाने का ऐलान किया गया है। वहीं अब इन ट्रेनों में यात्रियों का किराया कितना लगेगा इसकी जानकारी भी साफ कर दी गई है।

लॉकडाउन 3.0 में हो सकेंगी शादियां, लेकिन करना होगा ये काम

बता दें, रेलवे द्वारा 1 मई से लॉक डाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और छात्रों के साथ ही दूसरे व्यक्तियों को ले जाने के लिए ‘श्रमिक स्पेशल ट्रेन’ चलाने का फैसला लिया गया है। इनमें स्लीपर मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए के साथ ही सुपर फास्ट चार्ज 30 रुपये और अतिरिक्त शुल्क के तौर पर 20 रुपये लिए जायंगे।

रेलवे की ओर से जानकारी दी गई है कि किराए में लंबी दूरी की ट्रेनों में मुफ्त खाना और पीने का पानी दिया जाएगा। यात्रियों को रेलवे से खरीद कुछ भी खरीदने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार उनकी ओर से समन्वय स्थापित करेगी। बता दें, रेलवे की ओर से 6 श्रमिक ट्रेनें चलाई जा रही है। इनमें लिंगमपल्ली से हटिया, अलुवा से भुवनेश्वर, जयपुर से पटना, नासिक से भोपाल, नासिक से लखनऊ और कोटा से हटिया के लिए चलाई जा रही हैं।

कितने बजे रवाना हुई ट्रेन?

अलुवा से भुवनेश्वर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन कल रात 21.55 बजे रवाना हुई। नासिक से भोपाल जाने वाली ट्रेन कल रात 21.30 बजे, इसके अलावा कोटा से हटिया के लिए ट्रेन कल रात 22.10 बजे रवाना हुई थी।

नोडल अधिकारियों की नियुक्ति होगी

रेल मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि ऐसे फंसे हुए व्यक्तियों को लाने ले जाने के लिए इन स्पेशल ट्रेनों को मानक प्रोटोकॉल के अनुसार संबंधित राज्यों के अनुरोध पर point-to-point तक चलाया जाएगा। इन ‘श्रमिक स्पेशल ट्रेन’ के समन्वय और सुचारू संचालन के लिए रेलवे और राज्य सरकारें वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगी।

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