Petrol Diesel

राजधानी दिल्ली के बाद पंजाब में पेट्रोल-डीजल पर वैट को बढ़ा दिया गया है। जिसके बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो गई है।

दिल्ली की केजरीवाल सरकार के बाद पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ा दिया है। पंजाब में डीजल पर वैट को बढ़ाकर 15.15 प्रतिशत जबकि पेट्रोल पर वैट को बढ़ाते हुए 23.30 प्रतिशत किया है। इसके बाद पंजाब में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दो 2 रूपए से ज्यादा प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो जाएगी।

लॉक डाउन के 25 वें दिन इस कीमत पर बिक रहा है पेट्रोल और डीजल

बता दें, पंजाब के साथ ही अन्य राज्यों ने भी अपने यहां वैट बढ़ाने का निर्णय लिया है। दिल्ली में पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ा दिया गया है जिससे तेलों के दाम में उछाल आया है। इसी तरह पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी वैट बढ़ाने पर फैसला लिया है। राजस्थान के अशोक गहलोत सरकार ने तो मार्च महीने के महीने में ही वैट बढ़ोतरी का फैसला किया था। राजस्थान में पेट्रोल का रेट 30 फीसदी से बढ़ाकर 34 फीसदी वहीं डीजल पर वैट 22 से बढ़ाकर 26 फ़ीसदी कर दिया गया था।

ऐसे ही हरियाणा में तेलों पर वैट और बस के किराये को बढ़ाया गया था। सरकार के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने
प्रदेश सरकार की काफी आलोचना भी की थी। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और हरियाणा कांग्रेस प्रमुख कुमारी शैलजा ने एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था सरकार बिना सोचे समझे बस का किराया 15 पैसे प्रति किलोमीटर और पेट्रोल पर 1 रुपए और डीजल पर 1.10 रूपए बढ़ा चुकी है। दोनों नेताओं ने कहा, ‘मंडियों में फल एवं सब्जियों की बिक्री पर मार्केट फीस भी बढ़ा दी गई’। दूसरी तरफ हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस द्वारा की गई आलोचना का जवाब देते हुए कहा की राजस्थान सरकार का फैसला कांग्रेस को नहीं दिख रहा जहां पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ा दिए गए हैं।

दूसरे देशों में फंसे भारतीयों की वतन वापसी का सरकार ने किया ऐलान

आपको बता दें, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के अलावा राजधानी दिल्ली में भी तेल पर वैट बढ़ाया गया है। देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल के दाम 1.67 रुपए तो वहीं डीजल की कीमत में 7.10 रूपए प्रति लीटर बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को दिल्ली सरकार ने इसका ऐलान किया। हालांकि दिल्ली सरकार के इस फैसले का कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है उसकी सरकार में तेल पर वैट की दर में कमी कमी रखी गई थी लेकिन मौजूदा सरकार इस में बेतहाशा बढ़ोतरी कर रही है। सरकार को बढ़ी दर को वापस लेकर लोगों को लोगों को राहत देनी चाहिए।

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