कोरोना के कारण लॉकडाउन जारी है। ऐसे में IPL भी रद्द किया गया है। जिसके बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या खिलाड़ियों को सैलरी नहीं दी जाएगी।

‘कोई खेल नहीं, तो कोई वेतन नहीं’। ऐसा हो सकता है इस साल IPL आईपीएल में करार करने वाले खिलाड़ियों के साथ, क्योंकि अभी आईपीएल को स्थगित किया गया है और तब तक इसका आयोजन नहीं किया जा सकता जब तक बीसीसीआई साल के अंत में इसकी वैकल्पिक विंडो तैयार नहीं कर लेता।

ये है IPL में भुगतान का तरीका…

आईपीएल फ्रेंचाइजी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई से कहा, “आईपीएल भुगतान का तरीका ऐसा है कि टूर्नामेंट शुरू होने से एक हफ्ते पहले 15 प्रतिशत राशि दे दी जाती है. टूर्नामेंट के दौरान 65 प्रतिशत दी जाती है. बची हुई 20 प्रतिशित टूर्नामेंट खत्म होने के बाद निर्धारित समय के अंदर दी जाती है.”

उन्होंने कहा, “बीसीसीआई के विशेष दिशा निर्देश हैं. निश्चित रूप से किसी भी खिलाड़ी को अभी कुछ नहीं दिया गया है.” बीसीसीआई खिलाड़ी संस्था- भारतीय क्रिकेटर्स संघ के अध्यक्ष अशोक मल्होत्रा ने स्वीकार करते हुए कहा कि आईपीएल का एक सत्र के नहीं होने का आर्थिक प्रभाव काफी अधिक होगा।

‘घरेलू खिलाड़ियों तक को सहनी पड़ेगी कटौती’

उन्हें लगता है कि अगर Covid-19 कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए जारी लॉकडाउन से नुकसान हजारों करोड़ों में होता है, तो कटौती की तलवार घरेलू खिलाड़ियों तक को सहनी पड़ेगी। इस वक्त बीसीसीआई एक वैकल्पिक विंडो को तलाश रहा है क्योंकि मई में आईपीएल के आयोजन का मौका बहुत कम है, लेकिन अब तक कुछ निर्धारित नहीं किया गया है

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है। जो 14 अप्रैल को खत्म होगा, जबकि आईपीएल 15 अप्रैल तक स्थगित किया गया है। बता दें दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी अब तक 37,000 से ज्यादा लोगों को मौत की नींद सुला चुका है। हालांकि कोरोना से मचे आर्थिक उथल पुथल को लेकर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों ने स्वीकार किया कि उनके वेतन में कटौती हो सकती है।

एक अन्य फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने साफ किया है कि है कि कि खिलाड़ियों के वेतन का बीमा महामारी के लिए नहीं किया जाता। उन्होंने पूछा, “हमें बीमा कंपनी से कोई राशि नहीं मिलेगी क्योंकि महामारी बीमा की शर्तों में शामिल नहीं है. प्रत्येक फ्रेंचाइजी की वेतन देने की राशि 75 से 85 करोड़ रुपये है. अगर खेल ही नहीं होता तो हम भुगतान कैसे कर सकते हैं.”

EPL, ला लिगा में भी कटौती की मार झेल रहे खिलाड़ी

आईपीएल के 10वें चरण तक फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे इस अधिकारी ने कहा, “इंग्लिश प्रीमियर लीग, ला लिगा से लेकर बुंदेसलीगा तक खिलाड़ी कटौती सह रहे हैं. साथ ही यह भी पता नहीं कि चीजें कब सामान्य होंगी.”

दोनों ने कहा कि बीसीसीआई को आगे ये देखने की जरूरत है कि स्तिथी को देखते हुए क्या किया जा सकता है, हालांकि वे जानते हैं कि उसे करीब 3000 करोड़ रुपये के आसपास नुकसान उठाना होगा। उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि धोनी और कोहली ही प्रभावित होंगे. निश्चित रूप से उन्हें भी नुकसान होगा, लेकिन पहली बार खेलने वालों के लिए 20, 40 या 60 लाख रुपये जिंदगी बदलने वाली राशि है. उम्मीद करते हैं बीसीसीआई के पास कोई योजना हो.”

‘नुकसान का अंदाजा लगाना काफी मुश्किल’

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बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल के मुताबिक अब तक किसी प्रकार की कटौती के बारे में बात नहीं की गई है। उन्होंने पीटीआई से कहा, “कटौती को लेकर कोई भी चर्चा नहीं हुई है. IPL आईपीएल निश्चित रूप से बीसीसीआई का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है. लेकिन इस समय गणना करना और नुकसान का अंदाजा लगाना काफी मुश्किल है. हम कुछ नहीं कह सकते, जब तक अधिकारी एक साथ नहीं बैठते क्योंकि गणना काफी पेचीदा है.”

हालांकि पूर्व भारतीय टेस्ट खिलाड़ी मल्होत्रा की माने उनका कहना है की हालात को देखकर व्यावहारिक होना चाहिए। ये कटौती घरेलू खिलाड़ी के लिए नहीं होगी, लेकिन शायद ये हो सकता है कि उसकी बढ़ाई जाने वाली राशि को कुछ समय के लिए रोकी जा सके। उन्होंने कहा, “बीसीसीआई अपनी कमाई क्रिकेट से करता है. अगर क्रिकेट नहीं हो रहा तो पैसा कहां से आएगा. हमें यहां समझदार होना चाहिए.”

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