Ordinance for Health Workers

स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार अध्यादेश लाई है जिसके तहत अब स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वालों को 7 साल तक की सजा दी जाएगी।

देशभर में कोरोना माहामारी के बीच स्वास्थ्य कर्मियों पर हो रहे लगातार हमले के बाद मोदी सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए एक अध्यादेश पास किया है।
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई केंद्रीय कैबिनेट की इस बैठक में जिस अध्यादेश को पास कराया गया है उसके तहत स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वालों को 3 महीने से 7 साल तक की सजा दी जाएगी। कैबिनेट की मीटिंग में लिए गए इस फैसले की जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दी है।

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स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला पड़ेगा भारी

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि देश के कई इलाकों से डॉक्टरों के खिलाफ हमले की खबरें सामने आ रही थी। जिसे सरकार अब बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार इसके लिए एक नया अध्यादेश लाई है जिसके तहत कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।

केंद्रीय मंत्री का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वालों को जमानत नहीं मिलेगी। 30 दिन के अंदर इसकी जांच पूरी की जाएगी और 1 साल के अंदर फैसला लिया जाएगा जबकि 3 महीने से 5 साल तक की सजा हो सकती है।

वहीं गंभीर मामलों के लिए 6 महीने से 7 साल की सजा का प्रावधान है इसके अलावा 50 हजार से 2 लाख तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

इस अध्यादेश के मुताबिक, किसी स्वास्थ्य कर्मी की गाड़ी पर अगर किसी के द्वारा हमला किया जाता है तो मार्केट वैल्यू का 2 गुना भरपाई करना पड़ेगा।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि देश में अब कोविड-19 के 723 अस्पताल हैं। जिनमें करीब 2 लाख बेड तैयार है। इनमें आईसीयू बेड 24 हजार है। 12 हजार 190 वेंटीलेटर है जबकि 25 लाख से अधिक N95 मास्क भी हैं जबकि 2.5 करोड़ के ऑर्डर दिए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार की ओर से फ़र्टिलाइज़र के लिए दी जाने वाली सब्सिडी को बढ़ाया गया है। इसे बढ़ाकर 22 हजार करोड़ से ज्यादा कर दिया गया है।

जावड़ेकर ने स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर कहा की अब सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, बुधवार को कैबिनेट की ब्रेकिंग होगी, वहीं शनिवार-रविवार को प्रेस रिलीज जारी की जाएगी।

पीएम मोदी की अगुवाई में प्रधानमंत्री आवास पर हुई कैबिनेट बैठक में महामारी कोरोना के मौजूदा स्वरूप और लॉक डाउन की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही आर्थिक हालात पर भी चर्चा हुई। इससे पहले भी राहत के तौर पर केंद्र सरकार 1 लाख सत्तर हजार करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया गया था।

हर शाम होने वाली स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस वार्ता आज कैबिनेट बैठक के चलते नहीं होगी। बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय की अगुवाई में हर शाम चार बजे प्रेस वार्ता होती है, जिसमें ICMR और गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं।

कोरोना के खिलाफ एक्शन में केंद्र सरकार

कोरोना के खिलाफ और लॉक डाउन को लेकर केंद्र सरकार की ओर से लगातार फैसले लिए जा रहें हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय राज्यों को लगातार।महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी कर रहा है। वहीं, गृह मंत्रालय की लगातार लॉकडाउन को लागू करवाने की कोशिश है। टेस्टिंग को लेकर आईसीएमआर की ओर से निगरानी की जा रही है।

गौरतलब है कि बुधवार सुबह तक देश में कोरोना वायरस से जुड़े मामलों का आंकड़ा 20 हजार के पास पहुंच गया है जबकि कुल 19984 मामले प्रकाश में आ चुके हैं। जबकि 640 लोगों की मौत हो चुकी है।

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