जो लोग फरीदाबाद, गुड़गांव से दिल्ली की ओर काम या फिर दूसरे सिलसिले से जाते हैं उनकी मुश्किलें बढ़ने वाली है। दिल्ली सरकार के आदेश के बाद अब हरियाणा सरकार ने भी एक बड़ा कदम उठाया है।
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कभी दिल्ली सरकार, कभी हरियाणा सरकार तो कभी उत्तर सरकार, लगता है कि देश में लॉक डाउन के साथ ही सीमाएं बंद करने और खोलने का खेल चल रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि जहां 1 दिन पहले ही दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने बॉर्डर सील करने का ऐलान किया था। हालांकि ऐलान के बावजूद बॉर्डर पर सीमाओं पर व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं पाई गई। तो वहीं अब हरियाणा सरकार की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने दिल्ली से लगी अपनी सीमाओं को फिर से बंद कर दिया है।

दिल्ली जाने वालों को होगी परेशानी

इस फैसले के बाद से अब फरीदाबाद और गुड़गांव में हरियाणा प्रशासन उन्हीं लोगों को सीमाओं में घुसने की इजाजत देगा जिनके पास ई- पास मौजूद होंगे। इसके साथ ही कुछ लोगों को छूट दी जाएगी। बता दें, पहले मई में बॉर्डर सील थे जिन्हें 2 जून को खोला गया था लेकिन अब इन्हें दोबारा एक बार बंद कर दिया गया है। हरियाणा सरकार के इस ऐलान के बाद से बॉर्डर पर पहले की तरह सख्ती बरती जाएगी। इंटरस्टेस जाने के लिए पहले की तरह मूवमेंट पास लेना अनिवार्य होगा।

पहले केजरीवाल सरकार खोले बॉर्डर-हरियाणा सरकार

अपने इस फैसले के पीछे हरियाणा सरकार ने दिल्ली सरकार के कारण को वजह बताया है। सरकार का कहना है कि केजरीवाल सरकार द्वारा एक हफ्ते के लिए दिल्ली में एंट्री को बंद कर दिया है। खट्टर सरकार का कहना है हरियाणा भी दिल्ली में तभी एंट्री की इजाजत देगा जब दिल्ली की केजरीवाल सरकार अपने बॉर्डर खोलेगी। वरना दूसरे राज्यों से लगे हमारे सारे बॉर्डर खुले हुए हैं।

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