Diabetes

बहुत से लोगों को बैठने के बाद उठते समय कई परेशानी जैसे दर्द की शिकायत होने लगती है। अगर आप भी ऐसे लोगों में शामिल हैं तो, इसे गलती से भी नजरअंदाज ना करें।

आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में दूसरों से आगे निकलने की चाहत में हम इतने अंधे हो चुके हैं कि अपने शरीर की ओर ध्यान ही नहीं देते। ऐसे में हमारा शरीर कई तरह की परेशानियों का शिकार हो जाता है। आज के दौर में जो बीमारी लोगों को ज्यादा और कम उम्र में अपना शिकार बना रही है वो है टाइप-2 डायबिटीज। इसके लक्षण इतनी जल्दी दिखाई नहीं देते और इलाज भी देर से शुरू हो पाता है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे लक्षण जिससे आप इसका पता लगा सकते हैं।

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बता दें, जब धीरे-धीरे ब्‍लड शुगर लेवल बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है तो इस बीमारी के लक्षण सामने आने लगते हैं। ये बीमारी तब लोगों को अपना शिकार बनाती है जब
अग्‍नाश्‍य जरूरत की मात्रा में इंसुलिन हार्मोन नहीं बना पाता। इंसुलिन खाने से मिलने वाली शुगर की मात्रा को नियंत्रित करता है।

वहीं अगर इस हाई शुगर का इलाज न किया जाए तो इससे शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में शरीर में कई संकेत और बदलाव भी देखने को मिलते हैं। इस बीमारी से ग्रसित होने पर सबसे बड़ा संकेत जो देखने को मिलता है वह है बैठने और उठने में परेशानी। जब हाई ब्लड शुगर लेवल की दिक्कत होने लगती है तो यह सबसे ज्यादा कूल्हो, टांगों और जांघों की नसों पर अपना असर डालता है जिसके कारण व्यक्ति को बैठने के बाद उठने में दिक्कत आती है।

इसके साथ ही व्यक्ति को कूल्हों और जांघों में तेज दर्द की शिकायत रहती है। व्यक्ति की जांघ की मांसपेशियां धीरे-धीरे सिकुड़ने लगती है और कमजोर होने लगती है। पेट में भी दर्द की समस्या रहती है।

क्‍या है इलाज

ऐसे में नसों को नुकसान पहुंचने से बचाने के लिए रोजाना ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखना जरूरी है। संतुलित भोजन और नियमित रूप से व्यायाम करने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

डायट पर दें ध्‍यान – Diet Plan

टाइप-2 डायबिटीज में व्यक्ति को ऐसे खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है। ऐसे खाद्य पदार्थ खून में शुगर लेवल को बढ़ाते हैं। कार्बोहाइड्रेट जल्दी ग्लूकोस में टूट जाता है। इसका असर फैट या प्रोटीन से ज्यादा ब्लड शुगर पर पड़ता है। ब्लड शुगर लेवल को संतुलित बनाए रखने के लिए शुगर, फैट और नमक का इस्तेमाल कम करना चाहिए। नाश्ता लंच और डिनर को जरूर करना चाहिए। एक टाइम के भी खाने को स्किप नहीं करना चाहिए।

एक्‍सरसाइज – Workout

व्यायाम की सहायता से भी ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है। हफ्ते में करीब ढाई घंटे तक एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। एक्सरसाइज में आप तेज चलने, सीढियां चढ़ने और बागवानी आदि को भी कर सकते हैं।

इसके साथ ही अगर आपको बैठने के बाद उठने में दिक्कत हो रही है तो एक बार डॉक्टर के पास जाकर चेकअप जरूर करवा लें। इसका कारण केवल टाइप-2 डायबिटीज ही नहीं बल्कि अगर कुछ और भी होगा तो वह भी पता चल जाएगा और इलाज समय पर शुरू हो जाएगा।

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