अगर आप दालचीनी का इस्तेमाल करते हैं तो ये बातें जरूर जान लें। वरना हो सकता है नुकसान।

आपके किचन में मौजूद दालचीनी एक ऐसा मसाला है जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के साथ ही हार्ट अटैक के खतरे को भी कम करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस दालचीनी का इस्तेमाल अगर सीमित मात्रा में ना किया जाए तो यह फायदे नुकसान में बदल जाते हैं। चलिए आपको बताते हैं कितनी मात्रा में दालचीनी का इस्तेमाल आपके लिए है फायदेमंद।

दो प्रकार की होती है दालचीनी

ceylon-vs-cassia cinnamon

वैसे तो लोग आमतौर पर दालचीनी के एक ही प्रकार को जानते हैं जिसका इस्तेमाल सब्जी, ड्रिंक्स और दाल तैयार करने में किया जाता है। लेकिन दालचीनी दो तरह की होती है जिनके बीच मुख्य अंतर स्वाद का होता है।

  • आमतौर पर लकड़ी के रंग वाली दालचीनी हमारे घरों में जो इस्तेमाल की जाती है उसका स्वाद तीखा ज्यादा होता है। इसे रेग्युलर सिनमन या कैशीअ (Cassia) नाम से जाना जाता है। जो सुपरमार्केट और किराना शॉप्स पर असानी से मिल जाती है।
  • दूसरी दालचीनी सीलोन (Ceylon) नाम से जानी जाती है। इसका स्वाद कैशीआ से थोड़ा हल्का होता है। इसे ट्रयू सिनमन नाम से भी जाना जाता है। वहीं इसका इस्तेमाल कुछ खास चीजों और दवाओं में ही किया जाता है। यह कैशीअ की तुलना में ज्यादा महंगी होती है।

दालचीनी का प्रयोग और प्रभाव

क्या गर्दन पर पड़ी झुर्रियों से हैं परेशान, तो बस कर लें ये आसान उपाय

  • कैशीअ दालचीनी जिसका इस्तेमाल हम रसोईघर में करते हैं इसका सीमित और कम मात्रा में सेवन करना चाहिए। सही तरह से किया गया का इस्तेमाल शरीर को कई रोगों से बचाता है।
  • अधिक मात्रा में इसका इस्तेमाल शरीर को नुकसान पहुंचाता है क्योंकि इसमें कूमरिन (coumarin) नाम का कंपाउंड होता है जो स्वाद में हल्का कड़वा लगता है और ज्यादा मात्रा में शरीर में जाने पर बीमारियां पैदा करता है।

लीवर डैमेज और कैंसर का खतरा

  • कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि ज्यादा मात्रा में कूमरिन का इस्तेमाल लीवर को नुकसान पहुंचाता है अधिक समय तक इसका इस्तेमाल लीवर को डैमेज करता है।
  • कूमरिन का लगातार सेवन कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। इससे लिवर कैंसर, किडनी संबंधी बीमारियां और फेफड़ों के कैंसर की आशंका बढ़ती है।

ब्लड प्रेशर कम होने का डर

किचन में मौजूद ये 10 चीजें चुटकियों में दूर भगाएगी मोटापा

  • दालचीनी का सही मात्रा में किया गया इस्तेमाल हाई ब्लड प्रेशर की समस्या दूर रखता है साथ ही डायबिटीज मरीज द्वारा इसका प्रयोग ब्लड में शुगर की मात्रा को भी नियंत्रित करने का काम करती है।
  • हालांकि अगर इसका प्रयोग सीमित मात्रा में नहीं किया जाए तो इससे ब्लड प्रेशर तेजी से कम हो सकता है जो आपके लिए नुकसानदेह है। ज्यादा मात्रा में इसका इस्तेमाल थकान, चक्कर आने की समस्या और अनिद्रा की समस्या को पैदा करता है।

सांस लेने में दिक्कत की वजह

  • बहुत से लोग दालचीनी की चाय और काढ़ा पीना पसंद करते हैं। इससे हमारे शरीर का सिस्टम क्लीन और हेल्दी रहता है लेकिन अधिक मात्रा में इस्तेमाल सांस संबंधी परेशानियों को बढ़ाता है।
  • एक बार में अधिक दालचीनी का इस्तेमाल खांसी, गले में खराश और जलन की समस्या को पैदा करता है।
  • वहीं जिन लोगों को सांस से जुड़ी दूसरी समस्याएं या फिर अस्थमा हों उन्हें दालचीनी का प्रयोग करते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए।

मुंह में छाले और घाव

  • दालचीनी में सिनामनडिहाइड नामक कंपाउंड पाया जाता है। अगर इसका प्रयोग सीमित मात्रा से अधिक किया जाए तो यह शरीर में एलर्जी और रिऐक्शन पैदा करता है।
  • ज्यादा मात्रा में दालचीनी के इस्तेमाल मुंह में छाले और जीभ में छाले की समस्या को बढ़ाता है। इसव मुंह के अंदर इचिंग, सेंसेशन या गले में जलन की समस्या हो सकती है।

नहीं खानी चाहिए सूखी दालचीनी?

  • सूखी दालचीनी का इस्तेमाल गले में छाले, जलन, सूजन और घाव की समस्या को पैदा करता है साथ ही गले और सीने में तेज जलन भी हो सकती है।
  • सूखी दालचीनी का प्रयोग फेफड़ों को हमेशा कि लिए भी डैमेज कर सकता है। ऐसा सिनमन में पाए जानेवाले फाइबर की वजह से हो सकता है। क्योंकि सूखी दालचीनी के फाइबर को फेफड़े तोड़ तो नहीं पाते लेकिन इनमें सूजन की समस्या हो सकती है।
  • वहीं फेफड़ों में सूजन निमोनिया का कारण बन सकता है। अगर इसका सही समय पर इलाज ना कराया जाए तो यह फेफड़ों को हमेशा के लिए बीमार बना सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here