Arvind Kejriwal

प्रवासी मजदूरों के लिए कदम बढ़ाते हुए दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार अब प्रवासी मजदूरों की यात्रा पर होने वाले खर्च को उठाएगी।

दिल्ली की Arvind Kejriwal (अरविंद केजरीवाल) सरकार राष्ट्रीय राजधानी Delhi (दिल्ली) में फंसे प्रवासी मजदूरों, कामगारों को उनके घर भेजने पर होने वाले ट्रेन खर्चे का वहन करेगी। इसके बाद अब मजदूरों को भेजने पर लगने वाला किराया दिल्ली सरकार द्वारा भरा जाएगा। शुक्रवार को दिल्ली से दूसरी श्रमिक स्पेशल ट्रेन बिहार के लिए रवाना हुई है। एक बयान में दिल्ली सरकार की ओर से कहा गया है कि मौजूदा दिशा-निर्देशों के मुताबिक, प्रवासी कामगारों की यात्रा पर होने वाले खर्च को केंद्र सरकार या उनके गृह राज्य की सरकार द्वारा उठाया जा रहा है लेकिन अब दिल्ली सरकार इन प्रवासियों को उनके घर बेचने पर होने वाले खर्च को उठाएगी।

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जारी बयान के मुताबिक, दिल्ली सरकार पहले ही संबंधित राज्यों को दिल्ली में फंसे हुए कामगारों की लिस्ट भेज चुकी है। इस बीच शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने सभी जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस आयुक्तों को देश में जारी लॉक डाउन के दौरान अनुमति प्राप्त आर्थिक गतिविधियों का सुगम संचालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। सरकार को ऐसी शिकायतें मिली थी कि कुछ सरकारी एजेंसियां और रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन दिल्ली सरकार के आदेशों में बाधा डालने का काम कर रहे हैं जिसके मद्देनजर ही ये आदेश मुख्य सचिव विजय देव ने जारी किया।

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बुधवार को उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विजय देव को भेजे नोट में इस मुद्दे को उठाया था कि सरकार को निजी दफ्तरों को खोलने पर रोक और आरडब्ल्यूए और की ओर से खुद के बनाए नियमों के अनुसार प्लंबरों, घरेलू सहायिकाओं और अन्य सेवाओं प्रदाताओं को प्रवेश की अनुमति देने जैसी शिकायतें मिली है।

गौरतलब है कि दिल्ली में 338 और लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। शुक्रवार को संक्रमितों की संख्या 6318 तक पहुंच गई है जिनमें से अब तक 68 लोगों जान गवां चुके हैं।

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